भारत चीन सीमा पर 3 साल में भारत के 295 प्रोजेक्ट:BRO DG बोले- 60 और परियोजनाएं तैयार होंगी, 3-4 साल में चीन को पछाड़ देंगे

India China Border

भारत चीन सीमा पर भारत ने तीन साल में 295 रोड प्रोजेक्ट्स तैयार किए हैं। इनमें पुल, सुरंगें और एयरफील्ड्स हैं। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने 24 सितंबर को ये जानकारी दी।

बीआरओ प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी के मुताबिक, भारत ने पिछले कुछ सालों में चीन सीमा पर तैयार 300 प्रोजेक्ट्स पर करीब 8 हजार करोड़ खर्च किए हैं। अगले चार महीनों में 60 और प्रोजेक्ट तैयार हो जाएंगे। काम तेजी से चल रहा है। 3-4 साल में हम चीन को पछाड़ देंगे। चौधरी चीन सीमा पर कंस्ट्रक्शन का काम देखने आए थे।

दो साल में सरकार ने बजट 100% बढ़ाया- BRO चीफ
BRO चीफ ले. जनरल चौधरी ने कहा कि भारत सरकार हमारे प्रोजेक्ट्स के लिए आर्थिक और नई तकनीक को लेकर काफी मददगार है। बीते 2 साल में सरकार ने हमारे बजट में 100% का इजाफा किया है।

चीन सीमा

बीआरओ ने अपने एक प्रोजेक्ट किनारे लिखा है- हम कहीं भी सड़क बना सकते हैं। हमारी सीमा आसमान है।

पहले की सरकार चीन सीमा पर निर्माण को लेकर चिंता करती थीं
डीजी बीआरओ ने कहा कि पहले की सरकारें चीन सीमा यानी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सड़क बनाने को लेकर पशोपेश में रहती थीं। 2008 में रक्षा मंत्री रहे एके एंटनी ने संसद में कहा था कि अगर हम सीमा पर सड़कें बनाएंगे तो चीन हमारे खिलाफ हमारी ही सड़कों का इस्तेमाल कर सकता है।

‘आज की सरकार की सोच अलग है। हमारे प्रोजेक्ट्स को प्रमोट किया जा रहा है। पहले 60 साल में दो सुरंगें बनाई गई थीं, अब हमने 3 साल में 4 टनल बनाईं। सुरंगों का ये फायदा होता है कि आप किसी भी मौसम में पहाड़ी इलाकों में जा सकते हैं। रास्ता बंद नहीं होता।’

हमारी बनाई सभी सड़कें एवरेस्ट के बेस कैंप से ज्यादा ऊंचाई पर- चौधरी
BRO DG ने ये भी कहा कि हमने जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश में तवांग और ऊंचाई पर स्थित सीमावर्ती इलाकों में सड़कें बनाई हैं। जोजीला (कारगिल) पास अक्टूबर से लेकर अगले 6 महीने तक बर्फबारी के चलते बंद हो जाता था। बीते 3 साल में ये स्थिति कम हुई है। इसे बीआरओ की कामयाबी कहिए कि हम 19 हजार फीट की ऊंचाई डेमचोक पर दुनिया की सबसे ऊंची और गाड़ी पहुंच सकने योग्य सड़क बना पाए हैं।

करीब 40 दिन पहले ही हमने 15 हजार फीट पर हानले में टनल शुरू की। बीआरओ की बनाई सड़कें माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप से ज्यादा ऊंचाई पर हैं।

चीन सीमा

19 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित डेमचोक में ये दुनिया की सबसे ऊंची सड़क है।

Source: ln.run/pQ8eh

Leave a Reply